चै. देवीलाल के प्रशासनिक विचार: एक विशलेषणात्मक अध्ययन
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Abstract
चैधरी देवी लाल के प्रशासनिक विचार मुख्य रूप से लोक-कल्याण, ’’ग्रामीण विकास और प्रशासन के विकेन्द्रीकरण’’ पर आधारित थे। भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रहे ’’ताऊ’’ देवी लाल का मानना था कि असली भारत गाँवों में बसता है, इसलिए देश का प्रशासनिक ढांचा भी ग्रामीण-केेंद्रित हाने चाहिए। वे एक ऐसे प्रशासनिक ढांचे के प्रबल पक्षधर थे जो समाज के कमजोर उपेक्षित और पिछड़े वर्ग को सशक्त बनाए। प्रशासनिक स्तर पर उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न नीतियां चलाई। वे केन्द्रीकृत व्यवस्था की बजाय ’’जनता की सरकार, जनता में दरबार’’ की विचारधारा में विश्वास रखते थे तथा ’’प्रशासन’’ में भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ने के लिए भी मुहिम चलाई। चै. देवीलाल एक ऐसे प्रशासन का निर्माण करना चाहते थे जिसमें गरीब, मजदूर वर्ग, किसान, महिला वर्ग आदि का सर्वांगीण विकास हो।
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References
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