भोपाल जिले के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की व्यावसायिक नैतिकता का अध्ययन
Main Article Content
Abstract
यह शोध अध्ययन भोपाल जिले के सरकारी और निजी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की व्यावसायिक नैतिकता के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए किया गया। अध्ययन में 200 शिक्षकों को शामिल किया गया, जिनमें 100 सरकारी और 100 निजी विद्यालयों के शिक्षक शामिल थे। डेटा संग्रह के लिए एक मानकीकृत प्रश्नावली का उपयोग किया गया, जिसमें शिक्षकों की व्यावसायिक नैतिकता के पांच प्रमुख आयामों- छात्रों के प्रति उत्तरदायित्व, सहकर्मियों के प्रति व्यवहार, विद्यालय प्रशासन के प्रति कर्तव्य, समाज के प्रति दायित्व और स्व-व्यावसायिक विकास- को मापा गया। परिणामों ने संकेत दिया कि भोपाल के माध्यमिक शिक्षकों में व्यावसायिक नैतिकता का स्तर औसत से ऊपर है। सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों के बीच नैतिकता के विभिन्न आयामों में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर पाया गया। अध्ययन ने सुझाव दिया कि शिक्षकों के लिए नियमित नैतिकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए और एक स्पष्ट आचार संहिता विकसित की जानी चाहिए।
Article Details

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.
References
अल-होथली, एच. एम. (2018)। रियाद (सऊदी अरब) में माध्यमिक विद्यालय शिक्षकों की व्यावसायिक नैतिकता: स्कूल नेताओं के दृष्टिकोण से। इंटरनेशनल एजुकेशन स्टडीज़, 11(9), 47–63।
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई)। (2014)। शिक्षकों के लिए व्यावसायिक आचार संहिता (Code of Professional Ethics for Teachers)। नई दिल्ली: एनसीटीई।
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई)। (2009)। शिक्षक शिक्षा हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFTE)। नई दिल्ली: एनसीटीई।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)। (2005)। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF–2005)। नई दिल्ली: एनसीईआरटी।
भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय। (2020)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (NEP–2020)। नई दिल्ली: भारत सरकार।
भारत सरकार। (2009)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act)। नई दिल्ली: भारत सरकार।
क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल। (2002)। मूल्य-संवर्धन हेतु शिक्षक शिक्षा: शिक्षक शिक्षा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की रिपोर्ट। भोपाल: आरआईई।
आईईएस विश्वविद्यालय। (तिथि उपलब्ध नहीं)। बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड.) कार्यक्रम विवरण। प्राप्त किया गया: https://www.iesuniversity.ac.in/graduate-program/bed
यूनेस्को एवं आईएलओ। (1966)। शिक्षकों की स्थिति संबंधी अनुशंसा (Recommendation concerning the Status of Teachers)। पेरिस/जिनेवा: यूनेस्को–आईएलओ।
यूनेस्को। (2015)। शिक्षा 2030: सतत विकास लक्ष्य-4 (SDG-4) हेतु कार्य रूपरेखा। पेरिस: यूनेस्को।
यूनेस्को। (2017)। शिक्षक नीति विकास मार्गदर्शिका (Teacher Policy Development Guide)। पेरिस: यूनेस्को।
शलैशर, ए. (2018)। विश्व स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शिक्षक विकास (World Class: How to Build a 21st-Century School System)। पेरिस: ओईसीडी।
फुलन, एम. (2007)। शैक्षिक परिवर्तन का नया अर्थ (The New Meaning of Educational Change)। न्यूयॉर्क: टीचर्स कॉलेज प्रेस।
हार्ग्रीव्स, ए. (1994)। शिक्षण का बदलता स्वरूप एवं शिक्षक संस्कृति (Changing Teachers, Changing Times)। लंदन: कैसल।
सर्गियोवानी, टी. जे. (1992)। नैतिक नेतृत्व एवं विद्यालय संस्कृति (Moral Leadership)। सैन फ्रांसिस्को: जोसी-बास।
रॉबिन्स, एस. पी., एवं जज, टी. ए. (2017)। संगठनात्मक व्यवहार (Organizational Behavior)। नई दिल्ली: पीयरसन।
क्रेसवेल, जे. डब्ल्यू. (2014)। शोध अभिकल्पना: गुणात्मक, मात्रात्मक एवं मिश्रित विधियाँ (Research Design)। नई दिल्ली/लंदन: सेज पब्लिकेशन्स।
कोहेन, एल., मैनियन, एल., एवं मॉरिसन, के. (2018)। शैक्षिक अनुसंधान पद्धति (Research Methods in Education)। लंदन: रूटलेज।
कूथारी, सी. आर. (2004)। शोध पद्धति: विधियाँ एवं तकनीकें (Research Methodology: Methods and Techniques)। नई दिल्ली: न्यू एज इंटरनेशनल।
क्रोनबैक, एल. जे. (1951)। क्रोनबैक अल्फा एवं आंतरिक संगति (Coefficient Alpha and the Internal Structure of Tests)। साइकोमेट्रिका, 16, 297–334।
बंडूरा, ए. (1977)। सामाजिक अधिगम सिद्धांत (Social Learning Theory)। एंग्लवुड क्लिफ्स: प्रेंटिस-हॉल।
लिकॉना, टी. (1991)। चरित्र शिक्षा: नैतिक एवं जिम्मेदार नागरिक निर्माण (Educating for Character)। न्यूयॉर्क: बैंटम बुक्स।