उपनिवेषिक कालीन भारत में अकालों का विवेचनात्मक अध्ययन
Main Article Content
Abstract
उपनिवेष काल (1757-1947) में भारत वर्ष में बहुत से अकाल पड़े, इन अकालों ने उत्तर भारत को भी प्रभावित किया। भारत में पड़ने वाले प्रमुख अकालों में 1770, 1783-84, 1837-38, 1860-61, 1868-69, 1876-78, 1896-97, 1899-1900, 1907-08, 1918-20, 1943 थे।
उपनिवेषिक काल में उत्तर-पष्चिम भारत विशेषकर पंजाब, राजपूताना क्षेत्र में अकाल एक गंभीर समस्या थी, जो ब्रिटिष नीतियों और प्राकृतिक कारणों और प्रभाव से उत्पन्न हुई।
Article Details

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.
References
टी॰एम॰ रौयप्पा एवं अर्किस्वामी, भारत का आधुनिक आर्थिक इतिहास (मद्रास, 1995)
भाटिया, बी॰एम॰, भारत में अकाल (1860-1965), (लंदन, 1963)
एच॰एच॰ डोडबेल, कैम्ब्रिज हिस्ट्री आॅफ इंडिया, खण्ड-टप्, भारतीय साम्राज्य 1858-1918, (दिल्ली, 1964)
कुमार धरम, कैम्ब्रिज इकोनाॅमिक हिस्ट्री आॅफ इंडिया, खंड-प्प्, (हैदराबाद, 1984)
मजूमदार, आर॰सी॰, ब्रिटिष सर्वोपरिता एवं भारतीय पुनर्जागरण, खण्ड-प्ग् (बाॅम्बे)
मित्तल, डाॅ॰ सतीष चन्द्र, भारत का सामाजिक-आर्थिक इतिहास (1758-1947), (पंचकूला, 2012)