रोहतक नगर में पेय जल संकट: एक विष्लेषणात्मक अध्ययन

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पूनम
डाॅ. कपूर सिंह

Abstract

तेजी से बढ़ता शहर जब पानी के लिए जूझने लगे, तब समस्या केवल जल की नहीं, बल्कि व्यवस्था की बन जाती है। यह अध्ययन हरियाणा के रोहतक नगर में जल-अभाव की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास करता है। शोध पूर्णतः द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है, जिसमें जनसंख्या वृद्धि, जल आपूर्ति क्षमता, प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता तथा आपूर्ति-माँग अंतर का विश्लेषण किया गया है। शोध परिणाम दर्शाते हैं कि यद्यपि नगर में स्थापित जल आपूर्ति क्षमता संख्यात्मक रूप से पर्याप्त प्रतीत होती है, फिर भी वितरण हानि, नहर आधारित निर्भरता, शहरी विस्तार और भू-जल की खराब गुणवत्ता के कारण कार्यात्मक जल-अभाव बना हुआ है।

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How to Cite
पूनम, & डाॅ. कपूर सिंह. (2026). रोहतक नगर में पेय जल संकट: एक विष्लेषणात्मक अध्ययन. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 3(2), 671–685. Retrieved from https://www.ijarmt.com/index.php/j/article/view/976
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References

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