[1]
वल्लभीसिंह, डॉ. गणेशलाल जैन, “भारतेंदु हरिश्चन्द्र के नाटकों में सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सुधारवादी चेतना”, IJARMT, vol. 2, no. 4, pp. 512–521, Dec. 2025.