[1]
ज्योति धर्मशक्तू, “पारिस्थितिक संवैधानिकता का सैद्धांतिक प्रतिमान: भारतीय पर्यावरणीय शासन की पुनर्व्याख्या”, IJARMT, vol. 3, no. 1, pp. 401–410, Feb. 2026.