[1]
डॉ. नांग सुलिना चाउतांग, “कथाकार भगवानदास मोरवाल कृत ‘रेत’ उपन्यास में कंजर जनजाति का लोक-व्यवहार एवं संस्कृति”, IJARMT, vol. 3, no. 1, pp. 411–416, Feb. 2026.