[1]
राजेश कुमारी and डाॅ॰ राजेन्द्र सिंह, “परशुराम शुक्ल की बाल कहानियों में अभिव्यक्त समाज और संस्कृति”, IJARMT, vol. 3, no. 2, pp. 143–145, Apr. 2026.