इतिहास शिक्षण की पद्धतियाँ और उनका विद्यार्थियों की ऐतिहासिक चेतना पर प्रभाव

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प्रभाकर

Abstract

यह शोध पत्र इतिहास शिक्षण की विभिन्न पद्धतियों तथा उनके विद्यार्थियों की ऐतिहासिक चेतना पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि पारंपरिक शिक्षण पद्धतियाँ, जैसे व्याख्यान एवं पाठ्यपुस्तक आधारित अधिगम, विद्यार्थियों में सीमित स्तर की ऐतिहासिक समझ विकसित करती हैं, जबकि आधुनिक पद्धतियाँ जैसे गतिविधि-आधारित अधिगम, परियोजना कार्य, स्रोत-आधारित शिक्षण तथा ICT आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को सक्रिय, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। इस शोध में यह पाया गया कि जब विद्यार्थियों को ऐतिहासिक घटनाओं की व्याख्या, तुलना और मूल्यांकन करने के अवसर मिलते हैं, तब उनकी ऐतिहासिक चेतना अधिक विकसित होती है। अतः प्रभावी इतिहास शिक्षण के लिए आवश्यक है कि शिक्षण पद्धतियों में नवाचार और सहभागिता को बढ़ावा दिया जाए, जिससे विद्यार्थी अतीत और वर्तमान के बीच सार्थक संबंध स्थापित कर सकें।

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How to Cite
प्रभाकर. (2025). इतिहास शिक्षण की पद्धतियाँ और उनका विद्यार्थियों की ऐतिहासिक चेतना पर प्रभाव. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 2(4), 621–631. Retrieved from https://www.ijarmt.com/index.php/j/article/view/806
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