बड़वानी जिले की अनुसूचित जनजातियों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिशीलता: सामाजिक परिवर्तन का एक समालोचनात्मक साहित्यिक समीक्षा अध्ययन
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Abstract
यह अध्ययन बड़वानी जिले की अनुसूचित जनजातियों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिशीलता के माध्यम से हो रहे सामाजिक परिवर्तन का समालोचनात्मक साहित्यिक समीक्षा प्रस्तुत करता है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि शिक्षा के प्रसार, सरकारी योजनाओं, वैश्वीकरण तथा आधुनिक संचार माध्यमों ने जनजातीय समाज की पारंपरिक संरचनाओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक पहचान को किस प्रकार प्रभावित किया है। अध्ययन में विभिन्न शोध पत्रों, पुस्तकों और सरकारी रिपोर्टों का विश्लेषण कर यह पाया गया कि शैक्षणिक प्रगति ने सामाजिक गतिशीलता, रोजगार अवसरों तथा जागरूकता को बढ़ाया है, जबकि सांस्कृतिक स्तर पर परंपरागत मूल्यों में परिवर्तन और पहचान संकट जैसी स्थितियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। समीक्षा यह भी इंगित करती है कि सकारात्मक परिवर्तन के साथ-साथ असमानता, संसाधनों की कमी और शिक्षा तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अतः संतुलित विकास के लिए शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच सामंजस्य आवश्यक है।
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