किशोरों के व्यवहार पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभावः रोहतक जिले के सन्दर्भ में
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Abstract
किशोरों का व्यवहार केवल जैविक या मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों का परिणाम नहीं होता, बल्कि वह व्यापक रूप से उस सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश से निर्मित होता है जिसमें किशोर का समाजीकरण होता है। रोहतक जिला (हरियाणा) सामाजिक दृष्टि से एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ ग्रामीण परंपराएँ, शहरीकरण, शैक्षिक विस्तार और आधुनिक सांस्कृतिक प्रवृत्तियाँ एक साथ सक्रिय हैं। इस मिश्रित सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना के कारण किशोरों के व्यवहार में विविधता, द्वंद्व और परिवर्तनशीलता स्पष्ट रूप से देखी जाती है। किशोरावस्था में जब व्यक्ति अपनी पहचान, मूल्य और जीवन-दृष्टि को आकार दे रहा होता है, तब समाज और संस्कृति उसके व्यवहार के लिए दिशा-निर्देशक की भूमिका निभाते हैं।
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