लोक संगीत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सांगीतिक आयोजनों की भूमिका : एक समीक्षात्मक अध्ययन।
Main Article Content
Abstract
लोक संगीत किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा तथा सामूहिक चेतना का जीवंत प्रतीक होता है। भारतीय लोक संगीत में विविधता, क्षेत्रीयता, सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों की गहरी छाप दिखाई देती है। बदलते समय, वैश्वीकरण, आधुनिक तकनीक तथा पाश्चात्य संगीत के बढ़ते प्रभाव के कारण लोक संगीत की परंपराएँ धीरे-धीरे प्रभावित हो रही हैं। ऐसे समय में सांगीतिक आयोजन लोक संगीत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरे हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में भोपाल की प्रसिद्ध “ताल कचहरी” के संदर्भ में लोक संगीत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सांगीतिक आयोजनों की भूमिका का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है।
ताल कचहरी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ लोक संगीत, लोक नृत्य तथा पारंपरिक वाद्य कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित किया जाता है। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया है, युवा पीढ़ी को भी लोक संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रस्तुत अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों जैसे पुस्तकों, शोध पत्रों, सांस्कृतिक रिपोर्टों तथा समाचार पत्रों पर आधारित है। अध्ययन में यह स्पष्ट हुआ कि सांगीतिक आयोजन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, नई प्रतिभाओं के विकास, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा सामाजिक समरसता स्थापित करने में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
Article Details

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.
References
गर्ग, लक्ष्मी नारायण. (2016). भारतीय लोक संगीत का इतिहास. नई दिल्ली: संगीत कार्यालय.
शर्मा, भगवत शरण. (2018). भारतीय संगीत एवं लोक परंपरा. नई दिल्ली: राधा पब्लिकेशन्स.
त्रिपाठी, रामनारायण. (2019). लोक संस्कृति और भारतीय संगीत. वाराणसी: चौखम्बा प्रकाशन.
मुखर्जी, ए. (2012). “लोक संगीत संरक्षण में सांस्कृतिक आयोजनों की भूमिका.” इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कल्चरल स्टडीज़, 5(2), 45-52.
सिंह, ओमप्रकाश. (2020). “भारतीय लोक संगीत के संरक्षण में सांगीतिक समारोहों का योगदान.” संगीत शोध पत्रिका, 12(1), 33-41.
वर्मा, पी. (2021). “लोक कला एवं सांस्कृतिक पर्यटन का संबंध.” जर्नल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड कल्चर, 8(3), 60-68.
मिश्रा, आर. (2017). मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति. भोपाल: मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी.
जोशी, एस. (2015). “लोक संगीत और सामाजिक चेतना.” भारतीय संस्कृति समीक्षा, 7(1), 22-30.
तिवारी, के. (2019). भारतीय लोक कलाएँ और परंपराएँ. इलाहाबाद: साहित्य भवन.
दुबे, मनीषा. (2022). “भोपाल की सांस्कृतिक परंपराएँ और ताल कचहरी.” मध्यप्रदेश संस्कृति अध्ययन पत्रिका, 4(2), 75-84.